80 डॉलर से अरबों डॉलर का Coca-Cola

Coca-Cola, एक ऐसा विचार जिसे कोई 80 डॉलर में खरीदने को तैयार नहीं था, आज 78 अरब डॉलर की Brand Value के साथ दुनिया के Top Brands में आचुका है. 80 डॉलर बिक्री मूल्य पर अस्वीकार किए जाने से 78 अरब डॉलर Brand Value तक का यह सफर दरअसल अछूते विचारों और Ideas को अमली सूरत देने के कारण संभव हुआ. John Pemberton America के State Atlanta में एक छोटे से मकान के पिछले भाग में स्थापित Laboratory में विभिन्न प्रकार के Experiment में मगन रहता, उसे उन Experiment से इश्क की हद तक लगाव था.

8 मई 1886 को उसने सिरदर्द से छुटकारा और मस्तिष्क को बल पहुंचाने वाला एक Syrup तैयार किया. जिस पल ये Syrup तैयार हुआ John Pemberton को बिल्कुल भी एहसास नहीं था कि उसका यह अछूता Experiment एक इतिहास रचने जा रहा है. इस Syrup को बनाकर उससे आर्थिक लाभ उठाना या उसे दुनिया के कोने कोने तक पहुंचाना John Pemberton का उद्देश्य नहीं था बल्कि वो इसे Medicine के रूप में Use करना चाहता था. मई 1886 के बाद से Medicine के रूप में उसका उपयोग और बिक्री प्रतिदिन 9 व्यक्तियों से आगे न जा सका. यहां तक कि John Pemberton के लिए इस Syrup की बिक्री बजाय आर्थिक लाभ के हानि का कारण बनी क्योंकि इसकी तैयारी पर सालाना 70 डॉलर खर्च करता जबकि इसकी बिक्री 50 डॉलर में होती थी.

80 डॉलर से अरबों डॉलर का Coca-Cola

और इस तरह John Pemberton का अपने बनाए गाए इस Syrup से लोगों के लाभ उठाने का 20 डॉलर सालाना हानि उठाना पड़ता था American Public भी Syrup में कुछ खास दिलचस्पी नहीं ले रहे थी मगर यह बात तय थी की इस Syrup का उपयोग करने वाले इसकी Special Taste का आनंद उठाते थे.

इसी दौरान डॉक्टर पम्बरटन के करीबी दोस्त फ्रैंक राहनसन ने इस Syrup की Commercial Basis पर बिक्री का सुझाव दिया और उसी ने उसका नाम Coca-Cola प्रस्तावित किया यहां तक कि उसके लिए लोगो को तैयार भी कर दिया, डॉ पम्बरटन व्यावसायिक मानसिकता नहीं रखते थे फिर भी अपने Syrup की थोड़ी बहुत Advertising  का अभियान चलाया मगर कुछ खास Result सामने नहीं आया, डॉ पम्बरटन की गिरती सेहत भी उसे किसी बड़ी प्रचार अभियान की अनुमति नहीं देती थी.

इसी दौरान एक घटना हुई जिसने Coca-Cola को वह ऊंचाई बख्शा जो न सिर्फ आज तक कायम है बल्कि उसमें दिन ब दिन बढ़त ही होते जा रही है. एक यहूदी व्यापारी Asa Griggs Candler ने Newspaper में विज्ञापन दिया कि उसे Business के लिए बिलकुल अलग और अछूते किसिम कि सलाह की आवश्यकता है जो कोई ऐसा सलाह दे जिस पर काम करना मुमकिन हो और लाभदायक भी हो, उसे एक उचित मुआवजा दिया जाएगा.

उस व्यापारी को बहुत सारे Ideas दिए गए मगर Asa Griggs Candler को पसंद न आए, तो एक युवा जिसका नाम Charles Chandler था वह यहूदी व्यापारी के पास आया और दावा किया कि उसके पास एक ऐसा अछूता Idea है जो यहूदी व्यापारी को अवश्य पसंद आएगा. यहूदी व्यापारी ने जब युवक का विश्वास देखा तो उसे सलाह से पहले ही Prize Money का भुगतान कर दिया, युवक ने उसे ऐसे पेय की बोतलें बनाने का सुझाव दिया जिनका स्वाद अद्वितीय और प्रभावशीलता हो.

यह ऐसा सुझाव था जो यहूदी व्यापारी को ऐसा अच्छा लगा कि उसने तुरंत उस पर काम करने की ठान ली. वह युवा चार्ल्स कैंडलर, Coca-Cola बनाने वाले डॉ जॉन पम्बरटन का पुत्र था. दूसरी ओर डॉ जॉन पम्बरटन की गिरती सेहत और प्रचार अभियान के संसाधनों का न होना, डॉ जॉन पम्बरटन के लिए समस्याओं में वृद्धि पैदा कर रहे थे. जब यहूदी व्यापारी Asa Griggs Candler ने Coca-Cola के Shares खरीदने में Interest दिखाई तो डॉ जॉन पम्बरटन तुरंत तैयार हो गए और शेयर Asa Griggs Candler को बेच दिया.

डॉक्टर पम्बरटन की मृत्यु के बाद उसके पुत्र चार्ल्स कैंडलर ने Coca-Cola के बाकी शेयरों को भी आसा कैंडलर को ही बेच दिए. अब Asa Griggs Candler Coca-Cola का अकेला मालिक था, उसने उसका Formula अपने नाम से Patent करवाया, पेय तैयार करने के Factory बनाई और बोतलें बनाने वाली Factory भी बना डाली.

Cold Drink बेचने के लिए तमाम उपाय उपयोग किए, Newspaper में विज्ञापन, Coupon Scheme और योजना के अंतर्गत बोतलों की मुफ्त आपूर्ति, यह सब वे तरीके थे जिन्होंने Coca-Cola की बिक्री 1896 में 4000 प्रतिशत तक बढ़ा दिया. Asa Griggs Candler ने डॉ जॉन पम्बरटन के Syrup को एक Profitable Business में बदल दिया और फिर उसने Coca-Cola को करोड़ों डॉलर के बदले Ernest Woodruff के हाथों बेच दिया.

Woodruff ने Coca-Cola को खरीदने में अपने जीवन भर की जमा पूंजी लगा दी और Coca-Cola को अपने बेटे Robert Woodruff के हवाले कर दिया, Coca-Cola का प्रबंधन Robert Woodruff के हाथ आना वास्तव में वह सार्वभौमिक प्रतिष्ठा और विस्तार का मिलना था जिसके बारे में शायद किसी ने कल्पना भी न किया हो, रॉबर्ट वोडरोफ Society से जुड़ा Society की मानसिकता को समझने वाला युवक था जो Collages और Universities में विभिन्न Program आयोजित कराने की वजह से बेहद Famous था,

उसने सोसाइटी की मानसिकता को देखते हुए Coca-Cola की सेल बढ़ाने के लिए ऐसे अछूते Ideas पर काम किया कि Coca-Cola हर बीतते पल के साथ Society में फैलता चला गया और Atlanta से उड़ान भर के पूरी दुनिया में फैलने के लिए निकल पड़ा, Robert ने 1930 ई में Radio और 1950 में TV के माध्यम Coca-Cola की Advertise का अभियान शुरू किया.

Coca-Cola की मांग बढ़ी तो रॉबर्ट ने 6 बोतलों का Family Pack पेश किया, Quality Control के Field में विशेष ध्यान दिया गया और Sales Team को इतने शानदार आर्थिक प्रोत्साहन दिया कि हर कोई इस कोशिश में लग गया कि Best Cell का Award उसी के हिस्से में आए,

Sales Staff ने रॉबर्ट वोडरोफ को ‘Boss’ ‘कह कर पुकारना शुरू किया तो हर कोई उसे बॉस पुकारने लगा. राबरट नित नए Experiment और अछूते विचारों पर अमल करने वाला व्यक्ति था. उसने एक बार Coca-Cola का Formula बदल दिया जिसे लोगों ने स्वीकार नहीं किया, यहां तक कि Coca-Cola की सेल एक तिहाई से भी कम हो गई, इस स्थिति से रॉबर्ट भी परेशान हुआ मगर मानसिक रूप मज़बूत होने की वजह से इस स्थिति से घबरा नहीं गया.

उसने विभिन्न Survey कराए जिन में लोगों ने पुराने फार्मूले के लिए अतिरिक्त खर्च करने पर भी सहमति जताई तो रॉबर्ट ने नए फार्मूले के साथ पुराने फार्मूले को फिर से Market में ले आया क्योंकि पुराने फार्मूले वाली Coca-Cola के बाजार में आते ही लोग उसको अधिक कीमत पर खरीदने लगे, रॉबर्ट ने समय के साथ नए फार्मूले की आपूर्ति पूरी तरह रोक दी.

Coca-Cola पूरी दुनिया में

1970 के दशक के मध्य में रॉबर्ट ने वह फैसला किया जिसके आधार पर Coca-Cola अमेरिकी सीमाओं से बाहर निकलकर पूरी दुनिया में फैल गया, रॉबर्ट ने अमेरिकी Executives से यह Deal की कि वह पूरी दुनिया में जहां जहां Us Army मौजूद है वहां बिना Additional Cost के Coca-Cola उपलब्ध कराएगा. समझौता संपन्न हुआ, शुरू में रॉबर्ट को Us Army को Coca-Cola उपलब्ध कराने पर अतिरिक्त खर्च वहन करना पड़ा मगर यह वह Publicity थी जिसने Coca-Cola को पूरी दुनिया में पेश किया.

रॉबर्ट ने अपना करार पूरा किया और अमेरिकी सेना को 5 अरब से अधिक बोतलें प्रदान कीं, जहां जहां अमेरिकी सेना गई Coca-Cola भी उनके साथ उनके इलाके में पहुँचती गई, आज धरती पर मौजूद आबादी के 96 प्रतिशत लोगों को Coca-Cola का नाम पता है, दुनिया में आज तक Coca-Cola इतनी संख्या में पी जा चुकी है कि अगर इन बोतलों के कैरेट जमीन पर रखने शुरू किए जाएं तो ज़मीन के हर चप्पे पर 11 हजार 870 कैरेट आएंगे.

आज हर सेकेंड में दुनिया भर में 7 हजार से अधिक Coca-Cola पी जाती हैं और इस मांग को पूरा करने के लिए दुनिया भर में Coca-Cola बनाने वाले Plant दिन रात लगातार काम कर रहे हैं. Hong Kong में Coca-Cola का एक 25 और दूसरा 17 मंजिला प्लांट मौजूद है, Georgia के University Restaurant के पास हर साल 30 लाख बोतल Coca-Cola बेचने रिकॉर्ड है.

America में Coca-Cola भरने वाले Pipe के Parts को अगर अलग किए जाएं और उन्हें एक साथ जोड़कर रखा जाए तो इसकी लंबाई 450 मील से अधिक बनती है.

Coca-Cola की इस सफलता के पीछे अछूते Ideas और अनोखी सोच रखने वाले लोगों का हाथ है हर इंसान के ज़हन में हर रोज हजारों आईडयाज़ दस्तक देते हैं. इनमें कुछ Ideas बहुत ही खास होते हैं जिन पर कान धरना पालन करना किसी भी इंसान को कहीं से कहीं पहुंचा सकता है जिसके बारे में शायद उसने कल्पना भी न की हो. एक अछूते विचार पर अगर समय पर अमल कर दिया जाए तो उसके लाभ और भी अधिक होते हैं और कभी कभी इस आइडिया को पेश करने वाले से अधिक वे Business Men लाभ उठा लेते हैं जो दूसरों के अछूते आईडयाज़ की कद्र करते हैं और उसे इज्जत देते हैं.

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One thought on “80 डॉलर से अरबों डॉलर का Coca-Cola

  1. कोका कोला की कहानी बहुत ही रोचक और प्रेरणादायक हैं, पढ़कर भुत मजा आया.

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