अँधेरा उजाला Face Your Fear Tips in Hindi

एक बार अंधकार ने भगवन के पास जा कर शिकयत की कि आपका सूरज मेरे पीछे बुरी तरह से पड़ा हुआ है, इससे मैं बहुत परेशान हूँ. बेकार में ही मेरा पीछा करता रहता है, थोड़ी देर भी आराम करना मुश्किल कर रखा है. करोड़ों सालों से ये इस तरह मुझे तंग कर रहा है.

अँधेरा उजाला Face Your Fear Tips in Hindi

भगवान ने उत्तर में कहा: ये तो बहुत अन्याय है मैं अभी सूरज को बुला कर पूछताछ करता हूँ.

भगवन ने सूरज को बुलवाया और उससे कहा कि तुम आखिर अंधकार के पीछे इस तरह हाथ धो कर क्यूँ पड़े हो? उसे तंग क्यूँ कर रहे हो? आखिर उसने तुम्हारा क्या बिगाड़ा है?

सूरज ने आशचर्यचकित हो कर कहा: अंधकार …! ये नाम मैं ने तो कभी सुना ही नही, और न कभी हम एक दुसरे से मिले हैं और जिसे मैं ने आज तक देखा ही नहीं भला मैं उस के पीछे कैसे पड़ गया? आप एक बार अंधकार को मेरे पास बुला लाएं अगर भूले से भी में ने कोई गलती की होगी तो मैं उससे क्षमा मान लूँगा.

और बस…

न आज तक सूरज के सामने अन्धकार को लाया जा सका

और न सूरज ने उससे कभी माफ़ी मांगी

अंधकार दरअसल नकारात्मक स्तिथी का ही दूसरा नाम है.

सूरज का अस्तित्व है जबकि अंधकार का कोई अस्तित्व नहीं होता. या फिर यूँ कह लें कि सूरज की अनुपस्थिति ही अंधकार है. यानी अंधकार किसी चीज़ के होने का नहीं बल्कि न होने का नाम है.

Fear क्या है?

इन्सान और उसका भय (Fear) भी सदयों से इसी भूलभुलैये में गुम है. हम भय को खुद से दूर करने का प्रयास करते हैं. जबकि उसका कोई अस्तित्व है ही नहीं. भय भी किसी चीज़ कि अनुपस्थिति का ही दूसरा नाम है. भय असल में प्रेम का अभाव है. जिस के दिल में प्रेम का अभाव होता हो भय वहां अपना बसेरा करता है.

उपरोक्त कथा प्रसंग में एक अटूट सत्य छिपा है और वह ये है कि जो डरता है असल में उसके अन्दर प्रेम का अभाव होता है हम उस समय तक भयभीत रहते हैं जब तक हम दिल से प्रेम व स्नेह भाव को ग्रहण न कर लें.

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